Wednesday, 1 February 2012

माँ


माँ

माँ तो माँ होती है
किसी भी उम्र में
सारा जहान होती है
     धरा पर इश्वरका स्थान होती है

कोई इसके जाने पर भरपाई करे
यह मुमकिन नहीं 
लाख मन को भरमा लें
माँ आखिर माँ होती है  

बचपनकी नादानीमें
बहुत की थी नादानिया
माँ ने सब मुस्का झेल लिया
कहा कच्ची उम्र का तकाजा है 

आज दिल भारी  है जीवन के
तीसरे पड़ाव पर, फिर वो दिन है, जब
माँने  दम तोडा कान्हा ने जनम लिया
आँख नमहै दिल में उमंग है दिमाग है दंग   
   

                                      माँ तो माँ होती है


किसी भी उम्र में

सारा जहान होती है
 धरा पर इश्वरका स्थान होती है

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