माँ
माँ तो माँ होती है
किसी भी उम्र में
सारा जहान होती है
धरा पर इश्वरका स्थान होती है
कोई इसके जाने पर भरपाई करे
यह मुमकिन नहीं
लाख मन को भरमा लें
माँ आखिर माँ होती है
बचपनकी नादानीमें
बहुत की थी नादानिया
माँ ने सब मुस्का झेल लिया
कहा कच्ची उम्र का तकाजा है
आज दिल भारी है जीवन के
तीसरे पड़ाव पर, फिर वो दिन है, जब
माँने दम तोडा कान्हा ने जनम लिया
आँख नमहै दिल में उमंग है दिमाग है दंग
माँ तो माँ होती है
किसी भी उम्र में
सारा जहान होती है
धरा पर इश्वरका स्थान होती है
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