Friday, 6 April 2012

आचार्य रामानुज से एक युवक ने कहा - मैं परमात्मा को पाना चाहता हूं , मेरा मार्गदर्शन करें। आचार्य रामानुज ने हंसकर पूछा - प्यारे युवक। इसके पहले कि मैं तुम्हारा मार्गदर्शन करूं बताओ कि क्या तुमने कभी किसी से प्रेम किया है ? युवक ने कहा - महाराज , आप कैसी बातें कह रहे हैं। मैंने आज तक किसी की तरफ आंख उठाकर नहीं देखा। मैं बड़ा सीधा - सादा हूं , बचपन से धार्मिक संस्कार हैं। मैं तो परमात्मा को पाना चाहता हूं। मैं और युवकों जैसा नहीं हूं। 

आचार्य रामानुज ने फिर पूछा - फिर से देखो बीते हए दिनों को और ठीक से याद कर बताओ कि क्या तुमने कभी किसी से प्रेम किया है ? उस युवक ने कुछ क्षण सोचा और फिर निश्चयपूर्वक कहा - नहीं , मैं दावे के साथ कहता हूं कि मैंने कभी किसी से प्रेम नहीं किया। आचार्य निराश होकर बोले - तब मैं तुम्हारी कोई मदद नहीं कर सकता क्योंकि जिसने कभी संसार में किसी से प्रेम नहीं किया वह परमात्मा से क्या खाक प्रेम कर पाएगा ? तेरे भीतर यदि प्रेम की चिंगारी कहीं होती तो मैं उसे आग में बदल सकता था। हालांकि तेरे जवाब पर मुझे विश्वास नहीं है। क्योंकि यदि जीवन में तुमने किसी से प्रेम न किया होता तो आज जी न रहा होता। अभी तक तेरा जो जीवन चल रहा है वही इस बात का प्रमाण है कि कभी न कभी किसी से तूने प्रेम किया होगा। प्रेम ऐसी चीज है जो बांटने से बढ़ती और देने से मिलती है। मांगो मत , पाओ और पाने के लिए लुटाना होगा। युवक आचार्य का आशय समझ गया।

Monday, 5 March 2012

holi special

Holi speciall..
मैं गया सुसराड़
नया कुर्ता गाड़
दाढ़ी बनवाई बाल रंग्वाए रेहड़ी पर ते संतरे तुलवाए
हाथ मैं दो किलो फ्रूट
मैं हो रया सुटम सूट
फागन का महिना था
आ रया पसीना था
पोहंच गया गाम मैं मीठे मीठे घाम मैं
सुसराड़ का टोरा था
मैं अकड में होरा था
साले मिलगे घर के बाहर
बोले आ रिश्तेदार आ रिश्तेदार
बस मेरी खातिरदारी शुरू होगी रात ने खा पीके
सोगया तडके
मेरी बारी शुरू होगी
सोटे ले ले शाहले आगी
मेरे ते मिठाईया के पैसे मांगन लागी
दो दो चार चार सबने लगाये
पैसे भी दिए और सोटे भी खाए साली भी मेरी मुह ने फेर
गी
गाढ़ा रंग घोल के सर पे गेर गी
सारा टोरा होगया था ढिल्ला ढिल्ला
गात
होगया लिल्ला लिल्ला गिल्ला गिल्ला
रहा सहा टोरा साला ने मिटा दिया भर के
कोली नाली में लिटा दिया
साँझ ताहि देहि काली आँख लाल
होगी
बन्दर बरगी मेरी चाल होगी
बटेऊ हाडे तो नु हे सोटे खावेगा
बता फेर होली पे हाडे आवेगा मैं हाथ जोड़
बोल्या या गलती फेर
नहीं दोहराऊंगा
होली तो के मैं थारे दिवाली ने
भी नहीं आउंगा.

Wednesday, 15 February 2012

पुलिस को जो भी मिला, उसे धुन डाला
 
पुलिस को जो भी मिला, उसे धुन डाला 
यमुनानगर  सुरक्षा और सहयोग का दम भरने वाली जिला पुलिस का सच देर रात सड़कों पर देखने को मिला। यूं तो पुलिस प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए तैनात थी। पर यहां पुलिस ने हर कायदे को ही ताक पर रख दिया। पुलिस को जो भी मिला, उसे धुन डाला। यह तक जानने की कोशिश नहीं की कि क्या वह प्रदर्शनकारी है या नहीं। कई पुलिसकर्मियों के हाथ में प्लास्टिक के डंडे की जगह लकड़ी के मोटे बिंडे थे।

भास्कर व सचिन की मौत की जानकारी जैसे ही शहर के लोगों को लगी तो वे गुस्से से भर उठे। बड़ी संख्या में लोग सिविल अस्पताल में आ गए। लोग इस बात पर अड़े थे कि रात में ही पोस्टमार्टम होना चाहिए, लेकिन सीएमओ वीके शर्मा ने अपनी लाचारगी जाहिर की। इसी बीच प्रदर्शनकारी सड़क पर आ गए। यहां जाम लगा दिया गया

Friday, 10 February 2012

बेटी को भी जीने का अधिकार

maa
पहल : बेटी को भी जीने का अधिकार, नहीं करेंगे लिंग जांच 
49 में से 13 ने भरा शपथ पत्र, जिले के बाद राज्य में भी अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालकों को जोड़ा जाएगा मुहिम से 

बेटी बचाने के लिए जिले में अनोखी पहल शुरू हुई है। अल्ट्रासाउंड केंद्र के संचालकों ने बेटी बचाने के लिए शपथ पत्र भरा है। अभी तक 49 में से 13 अल्ट्रासाउंड संचालक आगे आए हैं। प्रशासन का कहना है कि जब केंद्र संचालक लिंग जांच नहीं करेंगे तो बेटी संख्या में जरूर इजाफा होगा। इसी को ध्यान में रखकर रेडक्रास ने यह पहल शुरू की है। जिले के बाद स्थानीय प्रशासन राज्य में इससे लागू करने की अपील करेगा। गर्भ में पल रही लाडो को बचाने का बीड़ा अब किसी सामाजिक कार्यकर्ता ने नहीं, बल्कि शहर के उन अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालकों ने उठाया है, जिन पर समाज और प्रशासन दोनों की नजरें होती हैं। शहर के 13अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालकों ने स्वेच्छा से संकल्प पत्र भरकर प्रशासन को सौंपा है, जिसमें बेटियों को बचाने और महिलाओं को सम्मान देने की बात कही गई है।

रंग ला रही मुहिम : डीसी अशोक सांगवान का कहना है कि रेडक्रास सोसायटी द्वारा कन्या भू्रण हत्या रोकने के लिए शुरू की गई कवायद अब प्रत्यक्ष रूप से रंग लाने लगी है। इसी का नतीजा है कि अल्ट्रासाउंड केंद्र के संचालक लिंग जांच नहीं करने का शपथ पत्र भर रहे हैं। उनका दावा है कि यदि अल्ट्रासाउंड संचालकों ने ईमानदारी से अपनी शपथ निभाई तो इस वर्ष की लड़कों की संख्या बढ़ जाएगी। रेडक्रास सचिव श्याम सुंदर कहना है कि जिले से शुरू की गई इस मुहिम को राज्य के सभी जिलों तक ले जाया जाएगा, जिससे की राज्यभर में बेटी बचाओ अभियान की कवायद में अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालकों को भी शामिल किया जा सके। 

Monday, 6 February 2012

शादी में ली भ्रूण हत्या रोकने की शपथ


शादी में ली भ्रूण हत्या रोकने की शपथ
 
शादी में ली भ्रूण हत्या रोकने की शपथ 
यमुनानगर त्न बरसान में बिना दहेज की शादी में भ्रूण हत्या रोकने की शपथ ली गई। जिसमें रेड क्रास सचिव श्याम सुंदर व उनकी पत्नी ने बधाई पत्र देकर सम्मानित किया। शादी के बाद नवविवाहित जोड़े ने तुलसी का पौधा लगाकर भ्रूण हत्या रोकने का संकल्प लिया। इस दौरान दुल्हन सोनिया ने अन्य लड़कियों को भी कन्या भ्रूण हत्या के प्रति जागरूक करने का संकल्प किया। मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता गगन खिरोड़ ने आठवें फेरे के संस्थापक व रेड क्रास सचिव का भ्रूण हत्या रोकने के लिए चलाए जा रहे प्रयास की सराहना की। मौके पर दीपक, सतीश दत्ताना, सुशील कांबोज मौजूद थे।

रादौर खंड के गांव बरसान में बिन दहेज हुई शादी में नव दंपती को सम्मनित करते रेडक्रास सचिव श्यामसुंदर व अन्य। 

Saturday, 4 February 2012

MAA:


MAA:
Tapta raha dhoop mein
Saae ki chah mein
Saaya mila to yaad mein
Kisi ki ro diya
Woh yaad meri maa ki
Main kaise bhulaaon
Haathon ke jis ka saaya
Maine jo kho diya

Jab thi woh mere paas
Naa tha mujhe ehsaas
Use pyaar tha mujh se kitna
Yeh reh gaya ek raaz

Jhoola woh us ki goad ka
Jis main woh mujhe sulati thi
Khud jaag ke saari raat bhar
Lori woh mujhe sunati thi
Choti si ek takleef par
Jo meri aah nikalti thi
Seene se laga ke woh mujh ko
Jo aise roya karti thi

To halki si ek baat par
Main kyun us pe chillata tha
Woh rooth jo jaati thi mujh se
To kyun naa use manata tha

Komal se apne haathon se
Woh khana banaya karti thi
Aur der gae bhi raat bhar
Intizaar mera wo karti thi

Keh jab main ghar par aaon gaa
Haathon se uske khaaon ga
To bhook us ki mit jaae gi
Phir woh bhi khana khaae gi

Par jab bhi ghar main aata tha
To us se yeh keh jaata tha

Doston ke saath ghoom aaya hoon
Unhi ke saath kha aaya hoon
Par naa kaha maine yeh kabhie
Keh tumhare liye bhi laaya hoon

Din bhar bhi thak haar ke
Intizaar mera woh karti thi
Jo kaam main aake kehta tha
Woh dor ke pehle karti thi

Meri har ek baat ko
Har haal mein poora karti thi
Main jab bhi roya karta tha
Aansoo woh pocha karti thi

Ek dukh jo mujh ko hota tha
Us hi ke paas main jaata tha
Woh gale se mujhe kaga leti
Dilasa  mujhe dila deti
To mujh ko sukoon mil jaata tha
Main phir se khush ho jaata tha

Ab rota hoon main soch keh yeh
Woh jab bhi mujhe bulati thi
Aur kaam koi batati thi
Main kyun ghussa karjaata tha
Dil kyun tor main jaata tha
Jo aansoo pocha karti thi
Us hi ko main rulata tha

Ab sochta hoon keh jaane main
Kitna bad naseeb tha
Deta tha main dukh us ko
Jab us ke main qareeb tha

Jis ke sar pe saaya hai
Us pyaari maa ke haathon ka
Pooch raha hoon main us se
Sawaal in saari baton ka

Kya kabhie bhi poocha hai tumne
Keh maa ka kaisa haal hai
Ya kabhie yeh socha hai tumne
Keh maa ka tumhein khayal hai

Ek arzi meri hai tum se
Gar ho sake to maan lo
Maa ko dukh diya ho to
Maafi us se maang lo

Khidmat karo jitni bhi tum
Hai kam us ke ehsaan se
Qadmon mein jis ke jannat hai
Tum pyaar karo us maa se

Jitna bhi likhon kam lage
Izzat hai itni maa ki
Yeh lafz bhi kam par jaaien ge
Mamta jo us ki bayan ki